On Page SEO क्या है और कैसे करे [2022]

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On Web page search engine marketing क्या है और कैसे करे [2022] : On Web page search engine marketing क्या है और इससे ब्लॉग की ट्रैफिक कैसे बढ़ाये? सभी ब्लॉगर को On web page search engine marketing के बारे में थोड़ी बहुत जानकारी तो होती ही है यहां पर हम उन ब्लॉगर की बात कर रहे हैं जो Newbie हैं क्योंकि न्यू ब्लॉगर को अपने ब्लॉग को रैंक करने में बहुत दिक्कत होती है। उन्हें On web page search engine marketing और Off web page search engine marketing के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं होती है। अगर आप उन्हीं ब्लॉगर में से एक हैं और सीखना चाहते हैं और On web page search engine marketing क्या है और इसे कैसे करते है, तो आज इस आर्टिकल में हम On web page search engine marketing के बारे में सभी जानकारी लेने वाले हैं। On web page search engine marketing क्या है इसके अंदर क्या-क्या एक्टिविटीज होती है जिसको करके आप अपने वेबसाइट की स्पीड को बढ़ा सकते हैं, वेबसाइट की रैंकिंग को इंप्रूव कर सकते हैं। इसलिए आर्टिकल को पूरा जरूर पढ़िए जिससे आप भी अपने वेबसाइट में On web page search engine marketing को सही तरीके से करके गूगल के first place में रैंक कर सकें। तो आइए सबसे पहले जानते ही On web page search engine marketing kya hai?

On Web page search engine marketing क्या है?

On web page search engine marketing वह होता है जिसका कंट्रोल आपके या आपके डेवलपर के पास हो अगर आप अपनी वेबसाइट खुद बनाते हैं या किसी से बनते हैं तो जो चीज सामने दिखाई दे रही है उसका कंट्रोल आप और आपके डेवलपर दोनों के पास हो तो उसे ऑन पेज एस. ई. ओ कहते हैं। उदाहरण के रूप में समझते हैं, जब भी आप कोई आर्टिकल लिखते हैं। वह आपको दिखाई देता है लेकिन उसके अंदर कीवर्ड्स प्लेसमेंट कैसे करते हैं, उसके टाइटल कैसे लिखते हैं प्लस उसके अंदर जब आप इमेज डालते हैं, तो उसका s.e.o कैसे करते हैं। उस पोस्ट के यूआरएल के अंदर आप कोई म्यूजिक फाइल डाल रहे हैं या फिर अपने ऑडियो का एमपी3 फॉर्मेट में डाल रहे हैं, कोई वीडियो ऐड कर रहे हैं, कोई इबुक पीडीएफ फॉर्मेट में ऐड कर रहे हैं इन्हीं सब चीजों को ऑन पेज एस. ई. ओ कहते हैं। कहने का मतलब है कि आप जो पोस्ट तैयार कर रहे है। इसको कैसे ऑप्टिमाइज करें जिससे आपकी पोस्ट गूगल में रैंक करें इसे ही ऑन पेज एस. ई. ओ कहते है। ऑन पेज एस. ई. ओ का यह एक ही पार्ट है जिसे हमने जाना अभी इसमें ऑफ पेज एस. ई. ओ और टेक्निकल एस. ई. ओ बाकी है। ऑन पेज एस. ई. ओ में अगर आप इन पॉइंट का ध्यान रखोगे तो इससे आपकी पोस्ट गूगल में जल्दी से जल्दी रैंक करेगी। तो आइए अब जल्दी से ऑफ पेज एस. ई. ओ को भी समझ लेते हैं आखिर यह है क्या? और इतना जरूरी क्यों है?

ऑफ पेज एस. ई. ओ क्या है? – Off web page search engine marketing kya hai?

Off page seo अपने वेबसाइट की जो भी चीजें किसी दूसरे की वेबसाइट में जाकर करते हैं, तो Off web page search engine marketing कहते हैं। आइए ऐसे भी उदाहरण के रूप में नीचे समझते हैं। जैसे: बैकलिंक क्रिएट करना, सोशल मीडिया प्लेटफार्म में अपनी वेबसाइट का लिंक शेयर करना, फॉर्म सबमिशन, गेस्ट पोस्टिंग इस तरह की जो चीजें होती है या उस तरह की चीजों को ऑफ पेज एस. ई. ओ कहा जाता है। तो मैं आपको यहां तक सभी जानकारी अच्छे से समझ में आ गई होगी आइए जानते हैं नेक्स्ट पार्ट को जो है टेक्निकल एस. ई. ओ होता कैसे है।

टेक्निकल एस. ई. ओ क्या है? – Technical search engine marketing kya hai?

Technical search engine marketing यह बहुत ही ज्यादा इंपॉर्टेंट पार्ट है इसमें आपको बहुत सारी चीजों का ध्यान रखना पड़ता है। जैसे:

  • क्या आपकी साइट में साइटमैप बना हुआ है नहीं बना है तो उसे कैसे बनाना है।
  • क्या आपकी साइट में डुप्लीकेट पेजेस की प्रॉब्लम है अगर हां तो इसे कैसे चेक करेंगे और उसे कैसे ठीक करेंगे।
  • आपके रीडायरेक्ट्स किस तरह से लगे हैं 301, 302, 404 इन रिडेयरेक्ट को कब और कैसे लगाया है आपको यह पता होना चाहिए अगर नहीं लगा तो इससे आपके साइट में प्रॉब्लम आएगी।
  • स्पैम स्कोर चेक करना चेक करने के बाद इसे कम कैसे करना है।
  • कई बार हम अपनी वेबसाइट में पोस्ट लिखते हैं उसके अंदर कुछ चेंजेस करते हैं या फिर उसको बाद में डिलीट कर देते हैं। जिससे ब्रोकन लिंक का एरर आ जाता है। इसको कैसे फाइंड करें इसको कैसे ठीक करें।
  • आपकी वेबसाइट की स्पीड कितनी हैं अगर स्पीड बहुत कम है लोड होने में टाइम लग रहा है तो इसको कैसे स्पीड बढ़ा सकते हैं।
  • आपकी वेबसाइट का स्ट्रक्चर कैसा है क्या वह यूजर फ्रेंडली है क्या वह मोबाइल फ्रेंडली है गूगल या कोई भी सर्च इंजन के बॉट्स अगर आएंगे तो क्या वह ठीक से स्क्रॉल कर पाएंगे।

इन सारी चीजों का पता करना और इन सब चीजों को ठीक करना इस तरह के पॉइंट्स को ही टेक्निकल search engine marketing कहा जाता हैं।

ऑन पेज एस. ई. ओ और ऑफ पेज एस. ई. ओ में अंतर क्या है? – On web page search engine marketing and off web page search engine marketing me antar kya hai?

On web page search engine marketing: पोस्ट तैयार करते समय टाइटल में फोकस कीवर्ड, यूआरएल स्ट्रक्चर, ऑल्ट टैग फॉर एसईओ जैसे और भी फैक्टर को ध्यान में रखकर पोस्ट को ऑप्टिमाइज करना बहुत जरूरी है। off web page search engine marketing: बैकलिंक से जुड़े सभी स्ट्रेटजी को समझ कर सारे नियम का पालन करके एक हाई क्वालिटी बैकलिंक बनाना जरूरी है।

ऑन पेज एस ई ओ कैसे करे? – On web page search engine marketing Method in hindi

कुछ इंपॉर्टेंट ऑन पेज एस ई ओ पॉइंट्स को नीचे हम आपको बता रहे हैं जिसको करके गूगल में रैंक करने में आसानी होगी। नीचे बताए गए पॉइंट को अच्छे से समझ कर आप अपने वेबसाइट में पोस्ट को ऑप्टिमाइज करते हैं, तो बेशक आपको गूगल के फर्स्ट पेज में रैंक करने में मदद मिलेगी, तो आइए ऑन पेज एस ई ओ टेक्निक के बारे में जान लेते हैं।

  • title tag
  • Headings
  • URL construction
  • Key phrases Density
  • inner hyperlinks
  • picture alt tag
  • Meta description
  • Web site pace

इन सभी पॉइंट्स को ध्यान में रख कर अगर आप अपने पोस्ट को ऑप्टिमाइज करते हैं, तो हो गई के फर्स्ट पेज में रैंक करने और आपकी साइट में ट्रैफिक बूस्ट बढ़ने से आपको कोई नही रोक सकता। तो आइए अब on web page search engine marketing Methods को भी अच्छे से समझ लेते है ताकि आप इसे जानकर अपनी वेबसाइट में इंप्लीमेंट कर सके और अच्छी तरह से पोस्ट को कस्टमाइज कर सकें।

on age search engine marketing methods in hindi

Title tag: हमें टाइटल की लेंथ हमेशा 60 कैरेक्टर के अंदर रखना चाहिए और टाइटल को हमेशा डिस्क्रिप्टिव रखकर उसमें फोकस कीवर्ड को शामिल करना चाहिए। Headings: h1, h2, h3 में रेलीवेंट टॉपिक के साथ डिस्क्रिप्टिव बनाना चाहिए और इस बात का ध्यान रखे फोकस कीवर्ड को h1, h2, h3 इस तरह डाले की key phrases stuffing जैसी ना लगे। URL construction: यूआरएल स्ट्रक्चर को ऐसा बनाएं जिसमें फोकस कीवर्ड भी आ जाए और यूआरएल ज्यादा लंबा ना बने। जैसे: https://usekaro.in/on-page-seo-kya-hai inner hyperlinks: अपने पोस्ट के बीच में अपने दूसरे पोस्ट को इंटरनल लिंकिंग जरूर करे ऐसा करने से विजिटर ज्यादा देर तक आपकी साइट में रुकेगा और इसका एक फायदा ये भी है की ये आपके पोस्ट को इंडेक्स करने में मदद करता है। picture alt tag: आप अपने पोस्ट में जो इमेजेस का इस्तेमाल करते है उसमे alt textual content डालना ना भूले। ऐसा करने से सर्च इंजन को आपके ब्लॉग पोस्ट के बारे में ज्यादा जानकारी मिलती है। इसमें भी आपका फोकस कीवर्ड शामिल होना चाहिए। Meta description: टाइटल के जस्ट नीचे जहां हम अपने पोस्ट का इंट्रो देते है वहां पर Meta description add किया जाता है। जिसे सिर्फ 160 शब्दों का ही होना और फोकस कीवर्ड भी इसमें मौजूद होना चाहिए। pace: Web page की load pace बहुत जरूरी है। अगर आपका पोस्ट 2 से 4 सेकंड के अंदर ओपन नहीं हुआ तो आपके साइट में बाउंस रेट बढ़ने लगेगा क्योंकि यूजर तो आपके लिए वेट नही करेगा वो 2 से 4 सेकंड के अंदर ही बाहर चला जाता है। इसलिए अपनी पेज लोड स्पीड पर ध्यान देना बहुत जरूरी है रैंकिंग के लिए।

निष्कर्ष (conclusion)

हमने जाना On web page search engine marketing kya hai in hindi इस आर्टिकल के द्वारा हमने आपको On web page search engine marketing से जुड़ी सभी जानकारी को सरल शब्दों में समझाने की कोशिश की है। हमें उम्मीद है हमारे आज इस पोस्ट ऑन पेज एस ई ओ क्या है, ऑन पेज एस ई ओ कैसे करे इस बारे में सभी जानकारी आपको समझ में आ गई होगी और अगर आपके मन में इससे जुड़ा कोई सवाल है तो हम कमेंट में पूछ सकते है। अगर आपको हमारा आर्टिकल हेल्पफुल लगा है इसे अपने फ्रेंड्स और फैमली के साथ शेयर जरूर करें।

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